- पीएनबी ने स्वस्थ व समग्र कल्याण पर केंद्रित 12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया
- Amid film promotions, Akshay Kumar marks Yoga Day with community session
- मुनव्वर फारुकी ने मनाया अपने एक्टिंग डेब्यू ‘फर्स्ट कॉपी’ का एक साल पूरा होने का जश्न
- फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में चल रहा है "ज़ायका सफर" बिहार से छत्तीसगढ़ तक के पारंपरिक स्वादों का उत्सव
- सूर्य नमस्कार यज्ञ एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न
पाकिस्तान से आई गीता का घर ढूंढने पुलिस के प्रयास तेज
अधिकारियों ने गीता के साथ किया संवाद
इंदौर. कल पुलिस उप महानिरीक्षक कार्यालय में डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूरज वर्मा एवं अति पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती मनीषा पाठक सोनी द्वारा श्रवण बाधित सुश्री गीता के साथ संवाद किया गया . इस अवसर पर सुश्री गीता की सहायता के लिए आनंद सर्विस सोसायटी मूक बधिर केंद्र के ज्ञानेंद्र और श्रीमती मोनिका पुरोहित उपस्थित थे. यह संवाद लगभग 4 घंटे चला.
गीता ने बताया कि उसके गांव के पास एक छोटा रेलवे स्टेशन है. गांव में देवी जी का मंदिर है जिसके पास नदी या तालाब है जिसमे डुबकी लगाकर दर्शन के लिए जाते है. मंदिर पहाड़ के ऊपर नहीं है. गीता यह भी बताती है कि इसके घर के पास एक मैटरनिटी होम है. गीता के परिवार वाले धान की खेती करते है. गीता ने बताया कि वह भाप वाले इंजन की रेलगाड़ी में घर से गलती से बैठ गयी थी और ट्रेन चल दी, फिर ट्रैन में डीजल इंजन लगा इसके बाद ट्रेन बदलने से वह पाकिस्तान पहुंच गई.
गीता बताती है कि उसके घर में बचपन में इडली सांभर और डोसा बनता था. श्री ज्ञानेंद्र व मोनिका पुरोहित ने बताया कि गीता ने स्वयं से एक दिन नीम की पत्तियों को घर मे हर जगह टाँगा. गीता बताती है कि बचपन में जहां रहती थी. वहां रेलवे स्टेशन पर दो ही भाषा में नाम लिखे जाते है जो कि देवनागरी लिपि और अंग्रेजी है.
गीता की इस बात पर दक्षिणी महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़, उत्तरी तेलंगाना, उत्तरी आंध्र प्रदेश पश्चिमी ओडिशा और दक्षिण पश्चिम झारखंड के होने के संकेत लगते है. गीता की दायीं नाक छिदी है इससे ऐसा लगता है जो कि उत्तर और दक्षिण को जोडने वाले सीमावर्ती राज्य हो सकते है. इसे नारियल पानी पसंद है ढ्ढ ये बताती है कि इसने दक्षिण भारत मे छोटी बच्चों को पहनाए जाने वाले पोशाक पट्टू (लहंगा चोली) पहनी है. गीता ने रांची झारखंड के एक फोटो को पहचान की है.
विभिन्न स्थानों के फोटो भी दिखाए
श्री वर्मा ने इस स्थान के आसपास की फोटोज और वीडियो दिखाने के लिए बुलाये है. गीता को विभिन्न राज्यों के पकवानों के फोटो भी दिखाई गए. इसने लिट्टी चोखा और छठ पूजा के चित्रों को दिखाए जाने पर नहीं पहचाना. ये दक्षिणी स्टाइल से चावल खाती है. इसके पैर में ये बचपन से काला धागा बांधती है. पिता पूजा के समय धोती /लुंगी पहनते है. गीता को तरह तरह के स्थानों के फोटो दिखाए गए. अब अगले क्रम में वीडियो कॉल से अलग अलग तरह के लोगो से गीता को बात कराई जाएगी.


